श्रीनगर: लश्कर के मददगारों से धमकी भरे पोस्टर बरामद
श्रीनगर में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने लश्कर-ए-ताइबा के दो मददगारों को गिरफ्तार किया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार, गोला-बारूद और आतंकी संगठन के धमकी भरे पोस्टर बरामद किए गए हैं। यह खुलासा देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए काफी गंभीर मामला है।
श्रीनगर में चल रहे एंटी-टेररिज्म अभियान में यह दूसरी बड़ी सफलता है। पिछले पच्चीस दिनों में सुरक्षा बलों ने कुल सोलह ऐसे व्यक्तियों को पकड़ा है जो आतंकवादी संगठनों के समर्थक बताए जा रहे हैं। इन गिरफ्तारियों से पता चल रहा है कि श्रीनगर में आतंकी नेटवर्क काफी सक्रिय है।
गिरफ्तारियों से मिले महत्वपूर्ण सबूत
पुलिस की छापेमारी में जो सामान बरामद किया गया वह काफी चिंताजनक है। गिरफ्तार किए गए दोनों मददगारों के कब्जे में हथियार और गोला-बारूद पाया गया है। इसके अलावा उनके पास लश्कर-ए-ताइबा के धमकी भरे पोस्टर भी मिले हैं। ये पोस्टर प्रोपेगेंडा का काम करते हैं और स्थानीय युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने के लिए बनाए जाते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक ये पोस्टर विभिन्न क्षेत्रों में लगाए जा रहे थे ताकि लोगों को डराया जा सके और आतंकवादी संगठन का प्रचार किया जा सके। इस तरह की गतिविधियां स्थानीय आबादी में भय का माहौल पैदा करती हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित होती हैं।
लश्कर-ए-ताइबा का आतंकी नेटवर्क
लश्कर-ए-ताइबा पाकिस्तान स्थित एक कुख्यात आतंकवादी संगठन है जो कश्मीर घाटी में काफी सक्रिय रहा है। यह संगठन विभिन्न आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार है। पिछले कई सालों में लश्कर के आतंकियों ने कई बार सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है और आम नागरिकों को भी नुकसान पहुंचाया है।
श्रीनगर में लश्कर का नेटवर्क काफी व्यापक है। संगठन के कुछ सदस्य सीधे आतंकवादी हमलों में शामिल रहते हैं जबकि दूसरे मददगार के रूप में काम करते हैं। ये मददगार आतंकियों को आश्रय प्रदान करते हैं, उन्हें भोजन और अन्य जरूरी चीजें देते हैं और जानकारी पहुंचाते हैं। इस गिरफ्तारी से पता चल रहा है कि लश्कर अभी भी अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने की कोशिश कर रहा है।
पिछले 25 दिनों में 16 गिरफ्तारियां
श्रीनगर में चल रहे विशेष अभियान में पिछले पच्चीस दिनों में सुरक्षा बलों ने कुल सोलह ऐसे व्यक्तियों को पकड़ा है जिन पर आतंकवादी संगठनों से संबंध रखने का आरोप लगाया जा रहा है। इन सभी गिरफ्तारियों से पता चल रहा है कि स्थानीय स्तर पर आतंकी नेटवर्क कितना मजबूत है।
सुरक्षा एजेंसियां इन गिरफ्तारियों को काफी महत्वपूर्ण मान रही हैं क्योंकि इनसे विस्तृत जानकारी मिल रही है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से कई महत्वपूर्ण बातें सामने आ रही हैं जो आतंकवाद के खिलाफ अभियान को मजबूत कर रहीं हैं।
सुरक्षा बलों का मानना है कि ये गिरफ्तारियां भविष्य में बड़े हमलों को रोकने में सहायक साबित होंगी। आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए इस तरह की गतिविधियां बेहद जरूरी हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस इसी तरह के अभियान को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीनगर में यह अभियान सराहनीय है और इससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। लोगों को विश्वास है कि सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत से आतंकवाद पर लगाम लगाई जा सकेगी। स्थानीय समुदाय भी सुरक्षा बलों के साथ सहयोग कर रहा है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दे रहा है।
आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों का ध्यान और भी तेज होने की संभावना है। श्रीनगर में लगातार छापेमारी और निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधि को रोका जा सके। कश्मीर घाटी में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।




