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Thursday, 20 August 2026
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UP पुलिस रील्स बनाने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

author
Komal
संवाददाता
📅 17 May 2026, 6:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 348 views
UP पुलिस रील्स बनाने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने अपने कर्मियों के सोशल मीडिया पर अनुचित गतिविधियों पर लगाम लगाने का फैसला किया है। यह कदम उठाया गया है क्योंकि कई पुलिसकर्मी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील्स बनाते हैं और विभाग की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाली पोस्ट शेयर करते हैं। अब इन गतिविधियों को लेकर मुख्यालय की ओर से सीधा और सख्त रुख अपनाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने सभी पुलिसकर्मियों को नियमों का पालन करने के लिए निर्देशित किया है। इस आदेश के तहत जो भी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक रील्स या पोस्ट शेयर करेंगे, उनके विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय विभाग की पेशेवारिता और गरिमा को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

सोशल मीडिया पर बढ़ता दुरुपयोग

पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। विभिन्न पुलिस स्टेशनों से जुड़े कई कर्मचारी इंस्टाग्राम, टिकटॉक और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से रील्स बनाते हैं। कई बार ये रील्स हल्के-फुल्के होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करते हैं।

इसके अलावा, कई पुलिसकर्मी ऐसी पोस्ट भी शेयर करते हैं जो कानूनी रूप से समस्याग्रस्त हो सकती हैं। ये पोस्ट अश्लील, आपत्तिजनक या राजनीतिक हो सकती हैं। सरकार और विभाग के नियमों के अनुसार, पुलिसकर्मियों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। लेकिन कई लोगों ने इन नियमों की अनदेखी करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी मनमानी की है।

विभागीय आचरण नियमों का कड़ा प्रवर्तन

एडीजी अमिताभ यश के आदेश के अनुसार, सभी पुलिस थानों और विभागीय इकाइयों को इस निर्देश का पालन करना अनिवार्य है। जिलों के पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस नियम को कड़ाई से लागू करें। जो भी पुलिसकर्मी इन नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाएंगे, उनके विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय कार्रवाई में वर्तमान में छोटी-मोटी कार्रवाई से लेकर गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई तक हो सकती है। इसमें मौखिक चेतावनी, लिखित चेतावनी, वेतन में कटौती, या अन्य दंडात्मक उपाय शामिल हो सकते हैं। गंभीर मामलों में, पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा सकता है या उनके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

विभाग का मानना है कि पुलिसकर्मियों को एक निश्चित आचरण नियमों का पालन करना चाहिए। उन्हें अपनी व्यक्तिगत छवि और विभाग की छवि दोनों का ध्यान रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर की गई गतिविधियां सार्वजनिक होती हैं और इनसे पुलिस विभाग की साख को नुकसान हो सकता है।

नियमों के पालन की अपेक्षा

उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग सभी कर्मियों से अपेक्षा करता है कि वे सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को लेकर अधिक सावधान रहें। उन्हें केवल ऐसी सामग्री साझा करनी चाहिए जो विभाग के नियमों के अनुरूप हो और समाज में सकारात्मक संदेश दे। विभाग का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को अनुशासित और पेशेवर बनाए रखना है।

यह निर्णय दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में लिए गए समान निर्णयों के अनुरूप है। कई राज्यों ने पहले ही अपने पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर सख्त नीतियां बनाई हैं। उत्तर प्रदेश भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

भविष्य में, पुलिस विभाग सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नज़र रखेगा। किसी भी प्रकार का उल्लंघन देखा जाएगा तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से आशा है कि पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और अनुशासित रहेंगे। विभाग की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।