इंदौर में पत्नी ने प्रेमी से करवाई पति की हत्या
इंदौर में एक ऐसा अपराध कांड सामने आया है जो न केवल समाज को झकझोरता है बल्कि विश्वास और रिश्तों की नींव हिलाता है। बारह अप्रैल 2026 की रात को हुई एक हत्या के पर्दाफाश होने से स्पष्ट हुआ है कि यह केवल एक सामान्य अपराध नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र था जो तीन सालों से गहराई से चल रहा था। इंदौर पुलिस को मिले सुराग से पता चला है कि मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था।
आज की इस विश्वासघाती घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस विभाग ने बताया कि मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में एक तीसरा आरोपी अभी तक पकड़े जाने में कामयाब रहा है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या पूर्व नियोजित थी और इसके पीछे का मुख्य कारण अवैध प्रेम संबंध और आपसी रंजिश था। पति को मारने की सोच में पत्नी ने अपने प्रेमी का सहारा लिया और इस प्रकार दोनों मिलकर इस भयानक अपराध को अंजाम तक पहुंचाए।
षड्यंत्र की शुरुआत और तीन साल की साजिश
पुलिस की जांच में जो तथ्य उजागर हुए हैं उनके अनुसार यह घटना एक दिन का काम नहीं थी। पत्नी और उसके प्रेमी की साजिश लगभग तीन सालों से लगातार चल रही थी। इंदौर में रहने वाला यह परिवार आंतरिक कलह का शिकार था। पत्नी का प्रेमी एक लंबे समय से परिवार के सदस्य की तरह आता-जाता था। धीरे-धीरे पत्नी और प्रेमी के बीच संबंध गहरे होते गए और दोनों ने मिलकर पति को समाप्त करने की योजना बनाने लगे।
तीन सालों तक चली इस साजिश में दोनों ने बेहद धैर्य के साथ अपने षड्यंत्र को अंजाम देने की तैयारी की। वे समझते थे कि हत्या के बाद संदेह से बचने के लिए उन्हें कितनी सावधानी बरतनी होगी। इसीलिए उन्होंने दीर्घकालीन योजना बनाई और सही समय का इंतजार किया। इस बीच परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसियों को कोई संदेह नहीं हुआ कि परिवार में इतनी गहरी दरार है।
बारह अप्रैल की रात को हुई हत्या
बारह अप्रैल 2026 की रात को अंततः पत्नी और उसके प्रेमी ने अपनी योजना को अमल में लाया। पुलिस के अनुसार, हत्या का तरीका बेहद क्रूर और सोचा-समझा हुआ था। दोनों ने मिलकर पति पर हमला किया और उसके प्राण ले लिए। घटना के बाद दोनों ने जल्दी ही एक कहानी बुनी और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। शुरुआत में तो पुलिस को भी संदेह नहीं हुआ, लेकिन जांच-पड़ताल की प्रक्रिया शुरू होते ही कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आने लगे।
पुलिस द्वारा दृश्य परीक्षण किए गए, सीसीटीवी फुटेज देखे गए और पड़ोसियों के बयान लिए गए। धीरे-धीरे पत्नी और प्रेमी के बीच का संबंध स्पष्ट होने लगा। पत्नी के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड्स से पता चला कि वह प्रेमी से लगातार संपर्क में थी। कुछ संदेशों में हत्या से संबंधित बातचीत के प्रमाण भी मिले।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
इंदौर पुलिस की टीम ने बेहद संवेदनशील रहते हुए इस केस को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हत्या के मामले में पुलिस ने उचित सबूतों को जमा किया और पत्नी को सबसे पहले संदेह के दायरे में लिया। जब पत्नी से पूछताछ की गई तो वह तुरंत अपने प्रेमी का नाम लेने में असफल रही। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस के पास सबूत बढ़ते गए, पत्नी को अपना खेल समझ आ गया।
अंततः पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों में से एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस का मानना है कि इस तीसरे आरोपी की भी हत्या में महत्वपूर्ण भूमिका थी। सभी आरोपियों को ट्रैक करने के लिए पुलिस के विभिन्न दल लगातार काम कर रहे हैं।
यह घटना समाज को एक कड़ी सीख देती है कि अवैध संबंध और रंजिश कितने भयानक परिणाम तक पहुंच सकते हैं। इंदौर जैसे शहर में इस तरह की घटनाएं सामाजिक सचेतना की आवश्यकता को दर्शाती हैं। पत्नी का इतना विश्वासघाती होना और अपने पति को मारने के लिए किसी और को खींचना समाज के लिए एक चिंता का विषय है। पुलिस द्वारा इस मामले को कुशलता से हल किया गया है और अब न्यायिक प्रक्रिया अपना काम करेगी।




