वाराणसी: पुराने विवाद में फूल बेचने वाले की हत्या
वाराणसी में एक बार फिर से पुराने विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया है। इस घटना में माला और फूल बेचने वाले एक युवक की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। घटना के बाद पीड़ित के परिजनों ने मंडलीय चिकित्सालय में भारी हंगामा किया है और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक की पहचान 18 वर्षीय नीरज केवट के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, नीरज अपने परिवार के साथ माला और फूल बेचने का काम करता था। इसी काम को लेकर उसके बीच कुछ लोगों के साथ पुरानी कहासुनी चल रही थी। सोमवार को यही विवाद एक भयानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
पुराने विवाद का असली कारण
वाराणसी के इस इलाके में माला और फूल की दुकान लगाने के लिए विभिन्न समूहों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। नीरज केवट भी इसी क्षेत्र में अपनी दुकान लगाना चाहता था। इसी को लेकर उसके और कुछ अन्य लोगों के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई थी। पिछले कुछ दिनों में इस विवाद में तेजी आई थी और दोनों पक्षों के बीच कई बार कहासुनी भी हुई थी।
सोमवार की घटना में यही पुरानी कहासुनी फिर से सामने आ गई। नीरज की दुकान को लेकर शुरू हुई बहस धीरे-धीरे गर्म होती चली गई। कुछ लोगों ने नीरज को अपनी दुकान हटाने के लिए कहा। जब नीरज ने इनकार कर दिया, तो स्थिति हिंसक हो गई। उपस्थित भीड़ ने नीरज पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से पीटा।
घटनास्थल पर पुलिस की देरी
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस दल को घटनास्थल पर भेजा गया था। हालांकि, जब तक पुलिस वहां पहुंची, तब तक नीरज को गंभीर चोटें आ चुकी थीं। उसे तुरंत मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नीरज की मृत्यु के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर पुलिस समय पर वहां पहुंच गई होती, तो नीरज की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने कहा कि वे पुलिस से कई बार शिकायत कर चुके थे, लेकिन पुलिस ने इस विवाद को गंभीरता से नहीं लिया।
परिजनों का विरोध और प्रशासन की प्रतिक्रिया
नीरज की मृत्यु के बाद उसके परिजनों ने मंडलीय चिकित्सालय में भारी हंगामा किया। परिजनों की भीड़ ने पुलिस के विरुद्ध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की। उन्होंने पुलिस की लापरवाही को लेकर कई आरोप लगाए और कहा कि यह एक जान-बूझकर की गई हत्या है।
पुलिस प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। वाराणसी पुलिस विभाग ने घटना में शामिल सभी लोगों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और हत्या के आरोप में जांच चल रही है।
मृतक के परिजनों के अनुसार, नीरज एक शांतिप्रिय लड़का था और कभी किसी से झगड़ा नहीं करता था। वह अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए महेनत करता था। इसी काम को लेकर उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
वाराणसी में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। पिछले कुछ सालों में शहर में व्यापारिक विवादों को लेकर कई हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नियमित रूप से शिकायतें आती रहती हैं कि वह समय पर कार्रवाई नहीं करता।
इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारी समुदाय में भी असंतोष व्याप्त है। कई व्यापारी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि विवादों को सुलझाने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अगर ऐसी व्यवस्था नहीं की गई, तो आगे भी ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
वाराणसी के पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में पूरी जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन नियमित रूप से ऐसे समूहों की निगरानी करेगा जहां विवाद की आशंका है।
यह घटना समाज में व्याप्त हिंसा की बीमारी को दर्शाती है। छोटे-मोटे विवादों को हिंसा के जरिए सुलझाने की प्रवृत्ति समाज में बढ़ रही है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए न केवल पुलिस प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए, बल्कि समाज के सभी वर्गों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।




