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Monday, 15 June 2026
समाचार

निर्जला एकादशी पर नवपंचम राजयोग का निर्माण

author
Komal
संवाददाता
📅 15 June 2026, 7:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
निर्जला एकादशी पर नवपंचम राजयोग का निर्माण
📷 aarpaarkhabar.com

# निर्जला एकादशी पर बनेगा नवपंचम राजयोग! इनके शुरू होंगे बढ़िया दिन

हिंदू धर्म में एकादशी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन निर्जला एकादशी तो इसमें सबसे पवित्र माना जाता है। वर्ष 2026 में जब निर्जला एकादशी का दिन आएगा, तो उसी दिन एक विशेष ज्योतिषीय संरचना बनने वाली है जिसे नवपंचम राजयोग कहा जाता है। यह राजयोग आने वाले समय में कई राशियों के लिए बहुत शुभ साबित होने वाला है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवपंचम राजयोग का बनना किसी भी कैलेंडर वर्ष में एक दुर्लभ घटना है। इस राजयोग का निर्माण तब होता है जब पांच या उससे अधिक ग्रह किसी विशेष राशि में या उसके निकट स्थित हों। निर्जला एकादशी के पावन दिन पर इस राजयोग का बनना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी बहुत पवित्र माना जाता है।

निर्जला एकादशी का महत्व सभी एकादशियों से अधिक है क्योंकि इसी दिन का उपवास पूरे साल की सभी एकादशियों के उपवास के बराबर माना जाता है। इस दिन आप जल का भी सेवन नहीं करते हैं, जिससे इसका नाम निर्जला पड़ा है। यह एकादशी आमतौर पर ज्येष्ठ महीने में आती है और इसे पांडव निर्जला एकादशी भी कहा जाता है।

नवपंचम राजयोग के लक्षण और महत्व

नवपंचम राजयोग के बनने से सामान्यतः समाज में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। इस राजयोग का प्रभाव देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक परिस्थितियों पर भी देखा जाता है। व्यक्तिगत स्तर पर भी इस राजयोग के दौरान जन्म लेने वाले बच्चों का भविष्य बेहद उज्ज्वल होता है।

यह राजयोग मुख्य रूप से तीन प्रकार से प्रभावशाली होता है। पहला, यह मनुष्य के कर्मों को शक्तिशाली बनाता है। दूसरा, यह व्यक्ति की बुद्धि और विवेक को बढ़ाता है। तीसरा, यह भाग्य और सौभाग्य को आमंत्रित करता है। जो लोग इस दिन भगवान विष्णु की पूरी निष्ठा और श्रद्धा से पूजा करते हैं, उन्हें इस राजयोग का सर्वाधिक लाभ मिलता है।

ज्योतिषियों के अनुसार, निर्जला एकादशी पर बनने वाला यह नवपंचम राजयोग विशेषकर वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए बहुत लाभकारी होगा। इन राशियों के लोगों को इस समय विशेष रूप से सजग रहना चाहिए और सभी शुभ कार्यों को करने का प्रयास करना चाहिए।

पूजा का सही तरीका और दान की महत्ता

निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान बहुत पुराना है। इस दिन तुलसी के पौधे को जल देना, भगवान के मंदिर में जाना, और भगवान को फूल अर्पित करना चाहिए। घर में भी भगवान की मूर्ति के समक्ष दीपक जलाया जाना चाहिए और उनसे आशीर्वाद मांगा जाना चाहिए।

इसी दिन माता लक्ष्मी की भी विशेष पूजा की परंपरा है। माता लक्ष्मी धन, समृद्धि और खुशहाली की देवी हैं। उनकी पूजा करने से घर में सुख और समृद्धि आती है। निर्जला एकादशी पर माता को चावल, गेहूं, जौ और अन्य अनाज का भोग लगाया जाता है।

दान का स्थान इस दिन सर्वोच्च माना जाता है। जरूरतमंदों को जल और अन्न का दान करना इस दिन का मुख्य कर्तव्य है। गरीबों को खीर, हलवा और पूरी का भोजन कराने से बहुत पुण्य मिलता है। इस दिन किए गए दान का फल सौ गुना बढ़ जाता है। यदि आप किसी ब्राह्मण को भोजन कराते हैं तो वह दान आपके सभी पापों को दूर कर देता है।

कौन सी राशियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ

नवपंचम राजयोग के बनने से सभी राशियों को कुछ न कुछ लाभ अवश्य मिलता है, लेकिन कुछ राशियों को विशेष लाभ प्राप्त होता है। वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग बेहद शुभ साबित होगा। इन्हें करियर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।

कन्या राशि के लोगों के लिए भी यह राजयोग बहुत शुभ है। इनके लिए यह समय व्यावसायिक विस्तार का अवसर ला सकता है। तुला राशि के जातकों को आर्थिक लाभ की संभावना है। मकर राशि के लोगों के लिए यह समय संबंधों को मजबूत करने का समय है।

हालांकि, सभी राशियों को इस दिन सकारात्मक रहना चाहिए और पूजा-पाठ में भाग लेना चाहिए। कोई भी नकारात्मक कार्य या विचार इस दिन नहीं करना चाहिए। यदि आप इस दिन अपने काम में पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ लगते हैं, तो निश्चित रूप से आपको सफलता मिलेगी।

निर्जला एकादशी पर बनने वाला नवपंचम राजयोग वाकई एक दुर्लभ और शुभ संयोग है। इस दिन को पवित्र मानकर हमें अपने आचरण को शुद्ध करना चाहिए। भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और विश्वास को मजबूत करना चाहिए। इसी तरह की सकारात्मक सोच और कार्य से हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।