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Wednesday, 20 May 2026
विश्व

बुध अस्त 2026: इन 5 राशियों पर होगा प्रकोप

author
Komal
संवाददाता
📅 28 April 2026, 7:17 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
बुध अस्त 2026: इन 5 राशियों पर होगा प्रकोप
📷 aarpaarkhabar.com

बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही बुध ग्रह अस्त हो जाएंगे। मई की शुरुआत में ही भगवान बुद्ध के जन्मदिन पर बुध ग्रह की चाल में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 1 मई 2026 को बुध ग्रह अस्त हो जाएंगे, जिससे कई राशियों के जातकों को अपने निर्णयों में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। वैसे तो बुध ग्रह को बुद्धि, ज्ञान, संचार और वाणी का कारक माना जाता है, लेकिन जब यह अस्त हो जाते हैं तो विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

बुध ग्रह हमारे जीवन में निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, बुद्धिमत्ता और संचार कौशल को प्रभावित करता है। जब बुध अस्त होते हैं, तो इन सभी चीजों में कमजोरी आ जाती है। यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण फैसले लेने में व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। व्यावसायिक जगत में, शिक्षा के क्षेत्र में और व्यक्तिगत संबंधों में भी यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

बुध अस्त होने के क्या हैं प्रभाव?

बुध अस्त होने का सबसे बड़ा प्रभाव मानसिक स्पष्टता में कमी के रूप में देखा जाता है। इस दौरान लोगों को अपनी सोचने-समझने की क्षमता में कमजोरी महसूस होती है। व्यावहारिक रूप से देखें तो परीक्षा के दिनों में, नौकरी के इंटरव्यू के समय या किसी महत्वपूर्ण बैठक में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। संचार में भी बाधा आती है, जिससे आपकी बातें सही तरीके से दूसरों तक नहीं पहुंच पाती हैं।

ज्योतिष विद्वानों के अनुसार, बुध अस्त होने का समय आर्थिक लेनदेन के लिए भी अशुभ माना जाता है। व्यापार में नुकसान की संभावना रहती है, और महत्वपूर्ण समझौतों या अनुबंधों पर हस्ताक्षर करते समय गलतियां हो सकती हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं, विशेषकर तंत्रिका तंत्र से जुड़ी परेशानियां।

इन पांच राशियों पर सबसे अधिक असर

मेष राशि के जातकों को इस समय अपने आर्थिक निर्णयों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बुध अस्त होने के दौरान मेष राशि वालों को व्यावसायिक क्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उनका आत्मविश्वास कम हो सकता है और यह उनके आत्मसम्मान को प्रभावित कर सकता है।

मिथुन राशि के लिए यह अवधि अत्यंत नाजुक साबित हो सकती है क्योंकि बुध इसी राशि का स्वामी ग्रह है। इस अवधि में मिथुन राशि के लोगों को मानसिक व्यग्रता, भ्रम और संचार में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। वे अपने आप को शारीरिक और मानसिक रूप से थकान महसूस कर सकते हैं।

कन्या राशि भी बुध के अस्त होने से गहरी चपेट में आ सकती है क्योंकि यह भी बुध की राशि है। इन जातकों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और पारिवारिक जीवन में भी तनाव की स्थिति बन सकती है।

तुला राशि के जातकों के लिए भी यह अवधि कुछ समस्याएं ला सकती है। उनके संबंधों में कुछ कड़वाहट आ सकती है और संचार में गलतफहमियां हो सकती हैं। व्यावसायिक भागीदारी में भी समस्या उत्पन्न हो सकती है।

मकर राशि के लोगों को भी इस दौरान अपने आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए। संपत्ति के मामलों में कोई निर्णय लेते समय विशेष ध्यान दें क्योंकि गलत निर्णय आपको भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इस समय बरतें ये सावधानियां

बुध अस्त होने के दौरान सबसे महत्वपूर्ण सावधानी यह है कि किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को जल्दबाजी में न लें। किसी भी व्यावसायिक समझौते से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें। आर्थिक लेनदेन में अतिरिक्त सावधानी बरतें और किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उन्हें सावधानीपूर्वक पढ़ें।

मानसिक शांति के लिए ध्यान, योग और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करें। हरी चाय या तुलसी की चाय का सेवन करें जो मन को शांत करने में मदद करती है। बुध को प्रसन्न करने के लिए हरे रंग के कपड़े पहनें और हरी सब्जियों का सेवन अधिक करें।

जातकों को सलाह दी जाती है कि इस अवधि में किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लें। वे आपकी राशि और आपकी विशेष परिस्थितियों के अनुसार उपचार सुझा सकते हैं। कुछ लोग अपने ग्रह दोषों को दूर करने के लिए उपवास या दान का भी सहारा लेते हैं। बुधवार को हरे प्याज का दान करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

इस समय के दौरान नकारात्मक विचारों से दूर रहें और सकारात्मक सोच को अपनाएं। अपने परिवार और मित्रों के साथ अधिक समय बिताएं ताकि मानसिक शांति बनी रहे। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें। याद रखें कि प्रकृति की प्रत्येक नकारात्मकता अस्थायी है और सही दृष्टिकोण और सावधानियों से इससे बाहर निकला जा सकता है। धैर्य रखें और इस कठिन समय को आत्मविश्वास के साथ पार करें।