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Tuesday, 19 May 2026
स्वास्थ्य

होशियारपुर: बोरवेल से निकाला गया चार साल का बच्चा

author
Komal
संवाददाता
📅 16 May 2026, 5:47 AM ⏱ 1 मिनट 👁 388 views
होशियारपुर: बोरवेल से निकाला गया चार साल का बच्चा
📷 aarpaarkhabar.com

होशियारपुर जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। चार साल का बचपन एक बोरवेल में गिर गया। इस बात की खबर जैसे ही फैली, तो स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम तुरंत कार्रवाई में जुट गई। देर रात की मेहनत के बाद बच्चे को सुरक्षित निकाला गया और तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना जिला होशियारपुर के एक गांव में हुई। बच्चे का नाम वंशु है। शुक्रवार दोपहर के समय वंशु अपने घर के पास खेल रहा था। तभी अचानक उसका पैर एक पुराने और लापरवाही से छोड़े गए बोरवेल में फंस गया। बोरवेल की गहराई लगभग बीस फुट थी, जहां पानी भी था। बचपन की चीख सुनकर घर के लोग दौड़े आए। जब उन्होंने देखा कि वंशु बोरवेल में गिर गया है, तो सब घबरा गए।

तुरंत पड़ोसियों की मदद से बच्चे के माता-पिता ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचित किया। होशियारपुर पुलिस स्टेशन से तुरंत एक टीम घटना स्थल पर पहुंची। अग्निशमन विभाग की टीम भी तुरंत अपने सभी उपकरणों के साथ वहां पहुंच गई। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी इस बचाव कार्य में सहायता के लिए आ गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने भी इस पूरे ऑपरेशन पर नजर रखी।

बचाव ऑपरेशन की शुरुआत

बोरवेल में बचे बच्चे को निकालना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। बोरवेल की संरचना ऐसी थी कि सीधे अंदर जाना संभव नहीं था। अग्निशमन विभाग की टीम ने तकनीकी विधियों का प्रयोग करते हुए बोरवेल के आसपास की मिट्टी को सावधानीपूर्वक हटाना शुरू किया। रस्सी, जैकिंग उपकरण और अन्य आधुनिक बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। टीम ने बड़ी सावधानी से बोरवेल के पास एक समानांतर गड्ढा बनाया ताकि बच्चे को सुरक्षित तरीके से निकाला जा सके।

बचाव दल के सदस्यों ने लगातार छह घंटे की मेहनत की। इस दौरान बच्चे के माता-पिता और परिवार के लोग बेचैनी से इंतजार कर रहे थे। पड़ोस के लोग भी घटना स्थल पर इकट्ठा हो गए थे और बचाव कार्य में सहायता के लिए तैयार थे। रात के अंधेरे में भी बचाव दल ने अपनी दिशा नहीं खोई। टर्च और अन्य प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से वे काम करते रहे।

चार साल के वंशु का सफल बचाव

आधी रात के करीब, बचाव दल को सफलता मिली। बड़ी सावधानी से बचाव टीम ने छोटे वंशु को बोरवेल से निकाल लिया। जैसे ही बच्चा बाहर आया, तो चारों तरफ से चीखें निकलीं। पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। बच्चे के माता-पिता खुशी और राहत से रो पड़े। जो तनाव और घबराहट का माहौल था, वह तुरंत खुशी में बदल गया।

बच्चे को तुरंत चिकित्सकों द्वारा जांच की गई। बच्चा बोरवेल में लगभग आठ घंटे रहा था। पहली जांच में लगा कि बच्चे को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिए उसे होशियारपुर के जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा बच्चे का विस्तृत चिकित्सा परीक्षण किया गया।

समाज की सराहनीय भूमिका

इस बचाव कार्य में पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों का सहयोग काबिले तारीफ रहा। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी विभागों ने एक समन्वित तरीके से काम किया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की तकनीकी दक्षता ने इस बचाव को संभव बनाया।

बचाव ऑपरेशन के बाद, स्थानीय प्रशासन ने घोषणा की कि इलाके में सभी खतरनाक और पुराने बोरवेलों को तुरंत सीमेंट से भरा जाएगा। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए, गांवों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। माता-पिता को अपने बच्चों की निगरानी में अधिक सतर्क रहने के लिए कहा गया।

यह घटना यह सिखाती है कि कैसे समय पर सही कार्रवाई और सभी विभागों के बीच समन्वय से एक गंभीर संकट से बाहर निकला जा सकता है। वंशु का सफल बचाव न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि एकता और मेहनत से कोई भी मुश्किल आसान हो सकती है।