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Thursday, 05 November 2026
मौसम

मुंबई बारिश: सांताक्रूज में पेड़ गिरने से 8 घायल

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Komal
संवाददाता
📅 03 July 2026, 6:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 752 views
मुंबई बारिश: सांताक्रूज में पेड़ गिरने से 8 घायल
📷 aarpaarkhabar.com

मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश के कारण एक भयानक हालात पैदा हो गई है। गत तीन दिनों से लगातार आ रही वर्षा ने शहर की परिस्थितियों को काफी गंभीर बना दिया है। सांताक्रूज इलाके में एक विशाल पेड़ अचानक गिर गया, जिससे आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इसी बीच, पालघर जिले में एक दीवार ढह गई, जिसके मलबे में एक महिला की जान चली गई। ये घटनाएं मौजूदा मौसम की भयावहता को दर्शाती हैं।

मुंबई के सांताक्रूज इलाके में यह घटना दोपहर के करीब दो बजे हुई। इस इलाके में एक बहुत बड़ा और पुराना पेड़ था जो कई दशकों से वहां खड़ा था। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण इस पेड़ की जड़ें कमजोर हो गईं और अचानक वह जमीन पर गिर गया। इस घटना में आठ लोग घायल हुए। घायलों में कुछ बच्चे भी शामिल थे। तुरंत ही इन घायलों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल स्थिर स्थिति में हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है।

सांताक्रूज में इस घटना के बाद से ही स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है। नगर निगम की टीमें पूरे इलाके में जाकर जर्जर और कमजोर पेड़ों की जांच कर रही हैं। किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए दल तैनात किए गए हैं। बारिश के मौसम में ऐसी घटनाएं बहुत आम होती हैं क्योंकि मिट्टी भारी वर्षा से संतृप्त हो जाती है और पेड़ों की स्थिरता कम हो जाती है।

पालघर में दीवार ढहने से महिला की दुर्भाग्यपूर्ण मौत

लगभग एक ही समय में पालघर जिले में एक और दुर्घटना हुई जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुई। पालघर के एक गांव में एक पुरानी और जर्जर दीवार अचानक ढह गई। इस दीवार के नीचे एक पचास वर्षीय महिला दब गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबे को हटाने की कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। महिला को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पालघर जिले के प्रशासकों ने इस घटना के बाद एक जांच दल गठित किया है ताकि यह पता चल सके कि दीवार अचानक क्यों ढह गई।

पुरानी और जर्जर इमारतें भारी बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होती हैं। ऐसी संरचनाओं की बुनियाद कमजोर हो जाती है जब लंबे समय तक पानी इकट्ठा रहता है। महाराष्ट्र सरकार ने पहले ही ऐसी सभी इमारतों की पहचान करने के लिए टीमें गठित की हैं, लेकिन इन टीमों की संख्या अपर्याप्त है।

प्रशासन की चेतावनी और बचाव कार्य

मुंबई और पालघर प्रशासन ने इन घटनाओं के बाद आम जनता को कई महत्वपूर्ण चेतावनियां दी हैं। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि जब तक भारी बारिश जारी है, तब तक वे अपने घरों में ही रहें। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा गया है। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने, जर्जर इमारतों के पास जाने से दूरी बनाने और अपने छत पर न जाने जैसी सावधानियों की बातें दोहराई गई हैं।

नगर निगम की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। बारिश के दौरान फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल तैनात हैं। मेडिकल टीमें भी सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर मौजूद हैं ताकि कोई भी जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके। सड़कों पर जलभराव को देखते हुए वाहनों की गति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों में और भी भारी बारिश की संभावना है। इसलिए प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है। आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह से सक्रिय रखा जाएगा। नागरिकों को परिस्थितियों में सुधार होने तक घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। सभी स्कूल और कॉलेज अगले दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं।

भारी बारिश के इस मौसम में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं किसी भी क्षेत्र में हो सकती हैं। लोगों को सतर्क रहना अत्यंत जरूरी है और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बेहतर अवसंरचना और जल निकासी प्रणाली पर काम करेगी।